यूपीएससी साक्षात्कार / इंटरव्यू में प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्न।

यूपीएससी साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण में पूछे जाने वाले प्रश्न।


UPSC Interview Candidate

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम चरण एक साक्षात्कार दौर होता है जिसमें अभ्यर्थी का व्यक्तित्व परीक्षण  किया जाता है। जिन उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक परीक्षा लिखित परीक्षा (प्रीलिम्स व मेन्स) को पास किया है, उन्हें इस अंतिम दौर के लिए बुलाया जाता है। संघ लोक देवा आयोग द्वारा यह व्यक्तित्व परीक्षण आमतौर पर मार्च या अप्रैल के महीने के दौरान आयोजित किया जाता है। व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार का उद्देश्य उम्मीदवार के ज्ञान की परख नहीं बल्कि उसके समग्र व्यक्तित्व, लक्षणों और विचारधारा का आकलन करना होता है। उदाहरण के लिये, उनके आत्मविश्वास, ईमानदारी, बौद्धिक, अखंडता, घटनाओं व परिस्थितियों की वास्तविकताओं और उनसे जुड़ी विभिन्न अवधारणाओं की समझ।

अपने बायोडाटा / विस्तृत आवेदन पत्र पर ध्यान दें।

यहां इस लेख में हम कुछ संभावित व माडल प्रश्न दे रहे हैं जिन्हें आम तौर पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा साक्षात्कार में पूछा जा सकता है।

ध्यान रहे कि आम तौर पर शुरुआत में पूछे जाने वाले प्रश्न उम्मीदवारों के बायोडाटा, विस्तृत आवेदन पत्र (DAF / Detailed Application Form) पर आधारित होते है। साथ ही उनके करियर विकल्पों और विशेष रूप से इस बारे में कि वे सिविल सेवाओं में क्यों शामिल होना चाहते हैं इत्यादि जे जुड़े प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

प्रारंभ में यूपीएससी साक्षात्कार बोर्ड उम्मीदवार के साथ सामान्य बातचीत शुरू करता है जिससे कि वे खुद के बारे में बता सकें। उम्मीदवारों के नाम से संबंधित कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे - नाम, उपनाम के अर्थ के बारे और यदि किसी उम्मीदवार के पास लंबा उपनाम है तो एक लंबा उपनाम ले जाने का कारण इत्यादि। इसके अलावा उम्मीदवारों के उनके जन्म वर्ष या तिथि के बारे में क्या किसी भी महत्वपूर्ण घटनाएं जो उसी वर्ष या जन्म तिथि पर पड़ती हैं इत्यादि के विषय में सवाल हो सकते हैं।

यूपीएससी साक्षात्कार में पूछे जाने वाले प्रश्नों का बहुमत इस बात पर आधारित होते हैं, जो कि उम्मीदवार ने अवेदन फॉर्म में अपने विषयों, शौक, सेवा वरीयताओं के बारे में भरा है। इसलिए साक्षात्कार को विषयगत ज्ञान की बजाय तर्क, प्रस्तुति और घट्नाओं के प्रति जागरूकता और उससे जुड़े व्यक्तिगत विचारों के परीक्षण के रूप में देखना चाहिये।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरने से पहले सावधान रहें और याद रखें कि उन्होंने फॉर्म में जो कुछ भी लिखा है उसे तैयार करें। विशेष रूप से उनके शौक या प्राथमिकताएं जिसका बायोडाटा पर उल्लेख किया हैं, क्योंकि कई सवाल इस तरह के कारण के बारे में भी पूछे जाते हैं। अभ्यर्थियों को वर्तमान घटनाओं के सुर्खियों में चल रहे विषयों से अवगत होना चाहिए, क्योंकि समाचारों से जुड़े मुद्दों पर प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके बारे में व्यक्त राय के आधार पर आपको अंक दिए जाएंगे। इसलिए, उम्मीदवारों को साक्षात्कारकर्ताओं के बोर्ड द्वारा पूछे गए प्रश्नों के तार्किक उत्तर देने की तैयारी रखनी चाहिये।

यदि उम्मीदवार के पास कुछ पिछले कार्य अनुभव हैं तो बोर्ड द्वारा उनके पेशे पर प्रश्न पूछे जाएंगे। उदाहरण के लिए यदि उम्मीदवार एक डॉक्टर है तो इंटर्व्यू बोर्ड किसी भी चल रहे स्वास्थ्य मुद्दों पर प्रश्न पूछ सकता है। यदि उम्मीदवार की अर्थव्यवस्था पृष्ठभूमि है तो बोर्ड वर्तमान आर्थिक स्थिति पर प्रश्न पूछ सकता है। बोर्ड उम्मीदवार से यह भी पूछ सकता है कि वे सिविल सेवाओं में अपने वर्तमान पेशे को कैसे कार्यान्वित कर सकते हैं। इसलिए, उम्मीदवारों को अपने पिछले और वर्तमान करियर से संबंधित सभी संभावित प्रश्नों पर अच्छी तरह से तैयार करना चाहिए।

जो आप हैं, वही बने रहें।

बोर्ड साक्षात्कार के इस दौर में स्थितिजन्य (situational) प्रश्न पूछ सकता है, वे आपको एक स्थिति या परिदृश्य दे सकते हैं और पूछेंगे कि उस विशेष स्थिति से आप कैसे निपट सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आतंकवादी आपके कार्य क्षेत्र पर हमला करता है तो वहां के कलेक्टर या प्रभारी व्यक्ति के रूप में आप क्या कदम उठा सकते हैं इत्यादि। इसलिए, उम्मीदवार को आईएएस साक्षात्कार का सामना करने के लिए एक अलग दृष्टिकोण से परिस्थितियों का विश्लेषण करने और अनुकूल निर्णय लेने के कौशल को विकसित करना चाहिए।

व्यक्तित्व परीक्षण / साक्षात्कार में बोर्ड द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न भिन्न-भिन्न  हो सकते हैं और यह उम्मीदवार द्वारा उठाए गए विषयों की पसंद पर निर्भर करता है, उदाहरण के लिये कि वे नागरिक सेवाओं में क्यों आना चाहते हैं इत्यादि। इसलिए, एक उम्मीदवार को अपने व्यक्तित्व को अच्छी तरह से परिष्कृत (Refined) करना चाहिए और आईएएस साक्षात्कार की तैयारी के दौरान अपने करियर के विकास के लिये भी प्रयास करना चाहिए।

आशा है कि अब आपको इस व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार दौर में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसके बारे में एक उचित विचार मिल गया होगा। ऊपर दिये गये कुछ सामान्य प्रश्नों को पढ़कर उम्मीदवार समझ गए होंगे कि साक्षात्कार का चरण एक प्रश्न और उत्तर देने की परीक्षा नहीं है बल्कि यह एक चर्चा का सत्र है। ध्यान रखिये कि ज्यादातर बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न आपके बायोडाटा और वर्तमान मामलों के बारे में होंगे।

नीचे सूचीबद्ध साक्षात्कार दौर की कुछ आवश्यकताएं हैं और उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे उन पर काम करें।

  • व्यक्तित्व परीक्षण किसी के आचरण का आकलन करता है, न कि उम्मीदवार क्या कहता है, लेकिन यह बात ध्यान रखें कि आप अपनी बात का वर्णन या उसकी प्रस्तुत कैसे करते हैं।

  • साक्षात्कार में उम्मीदवारों को दिए गए अंक उनके द्वारा दिए गए प्रश्नों के उत्तरों के आधार पर होते हैं, न कि उन प्रश्नों के लिये जिनके उत्तर आपने नहीं दिये हैं।

  • आपका रवैया ही आपको अंकों की सीढ़ी पर ऊपर या नीचे ला सकता है, इसलिये हमेशा ध्यान रखें कि बोर्ड आपके व्यक्तित्व का परीक्षण उस प्रश्न से नहीं कर सकता जिसका आपने उत्तर नहीं दिया है।

आत्मविश्वास रखें और उन प्रश्नों का उत्तर स्पष्ट रूप से और विनम्रता से दें जिन्हें आप जानते हैं और यदि आपको किसी भी प्रश्न या घटना के बारे में नहीं पता तो आप उस प्रश्न का उत्तर न दें (किसी भी प्रकार के बनावटी वर्णन से बचें)। याद रखिये, यदि किसी विषय के बारे में आप नहीं जानते हैं तो बोर्ड़ से आप कह सकते हैं कि मुझे इस विषय के बारे में नही पता या मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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