आईएएस मुख्य परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें?

सिविल सेवा परीक्षा के लिये उत्तर कैसे लिखें?

UPSC Main Answer Writing Skills in Hindi

इस लेख में हम आपको यह बताएंगे कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में उत्तर लेखन (Answer Writing) का क्या महत्व है। एक सटीक उत्तर कैसे लिखा जाए, जिससे हम परीक्षा में अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर सकें। यहां हम जो भी युक्तिया व निर्देश दे रहें हैं, वे सब इस परीक्षा में टापर रहे अभ्यर्थियों, शिक्षकों व वरिष्ठ सेवाओं में रहे अधिकारियों के अनुभव के अनुसार हैं।

प्रथम चरण - निबंध लेखन


प्रारंभ में अभ्यर्थी निबंध लिखने में सहज नही होते हैं, इसी के कारण अपने प्रयास में असफल भी हो जाते हैं। इस पेपर के लिये यह आवश्यक है कि हमें निबंध लिखते समय विषय से संबंधित उपयुक्त जानकारी व विश्लेषण देना है, इसलिये निबंध लिखते समय क्या होना चाहिये और क्या नहीं होना चाहिये, यह जानना जरूरी है।

निबंध के महत्व को देखते हुये हमें निबंध प्रमुख अंग जैसे निबंध के विषयों का परिचय, उसका निष्कर्ष, विचारों के प्रवाह तथा उदाहरणों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये। इसके लिये आप निबंध लेखन अभ्यास कर सकते हैं, उदाहरण के लिये एक अच्छा निबंध लिखते समय हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिये।

निबंध के शुरुआत मे परिचय के ठीक बाद से हमें उस विषय पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। निबंध में जितना संभव हो सके विषय से जुड़े आयामों को कवर करना चाहिए और प्रति अनुच्छेद के लिये आपके पास एक उचित विचार होना चाहिए। निबंध में दिये जाने वाले विचार, उदाहरण व विशलेषण जितना संभव हो उतने आसान होने चाहिए। मतलब यह कि, बच्चे भी आपके निबंध को समझ सकें। अधिकतर उम्मीदवारों के निबंधों में आवश्यकता से अधिक व असंगत स्पष्टीकरण होने के कारण वो उसे को जटिल बना देते हैं, जो कभी भी अच्छे अंक नहीं देता है।

उत्तर-लेखन के विभिन्न चरण

  • कुशलता से व निर्धारित समय  पर निबंध लिखने के लिये निबंधों से उन विषयों का चयन करें जो आपके लिये सबसे अधिक अनुकूल व सुरक्षित हो।
  • इस आधार पर निबंध का चयन न करें, कि किस विषय पर कम या किस विषय के लिये अधिक लिखने की आवश्यकता होगी।
  • आपके निबंध में आपके स्टैंड का समर्थन करने वाले तर्क होने चाहिए, इसमें आपके स्टैंड के खिलाफ कुछ आलोचनाएं शामिल हों, कुछ सकारात्मक तथा आशावादी तरीके तथा चीजें कैसे बेहतर हो सकती हैं इत्यादि का उल्लेख होना चाहिये।

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam) के लिये उत्तर लेखन


कई अभ्यर्थी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं और अपनी क्षमता और प्राथमिकताओं की उपेक्षा करते हैं। इसका  कारण यह है कि प्रीलिम्स के अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, किन्तु यह उपेक्षा एक बहुत गंभीर गलती साबित हो सकती है। ऐसा कई बार हुआ है कि, कई टॉपर्स केवल 2-3 अंक के मार्जिन के साथ प्रीलिम्स परीक्षा पास कर सके। इस तरह से हमें यह समझना चाहिये कि कि प्रारंभिक परीक्षा में 1 या 2 प्रश्न ही आपकी सफलता और असफलता निरधारित कर सकते हैं।

अभ्यर्थियों को यह सलाह दी जाती है कि सिविल सेवा प्रीलिम्स के प्रश्न पत्रों में सर्वप्रथम उन प्रश्नों को चिह्नित करना चाहिए जिनमें आप 100% प्रतिशत निश्चित हैं। प्रश्न पत्र के दूसरे दौर में उन प्रश्नों का प्रयास करने की कोशिश करनी चाहिए, जिसमें आप दिये गए विकल्पों में से दो विकल्पों को हटा कर बाकी के दो विकल्प उत्तर के लिये निर्धारित कर सकें। इस रणनीति के साथ कई उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सफलता प्राप्त की है।

मुख्य (Main Exam) परीक्षा के लिये उत्तर लेखन


यहां हम यूपीएससी के उन टापर्स द्वारा सुझाई गई तकनीक के बारे में चर्चा करेंगे, जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के तीनों चरणों में सफलता प्राप्त की है।

इस प्रकार के अनुभव के प्रयोग से आप यह जानेंगे कि सिविल सेवा परीक्षा में प्रभावशाली और सुव्यवस्थित उत्तर कैसे लिखें जिससे आप उच्चकोटि के अंक प्राप्त कर सकें। अभ्यर्थियों को उत्तर लिखने के दृष्टिकोण में किए जाने वाले कुछ बदलाव व अंकदायी सुझाव यहां दिए जा रहे हैं,  हमें आशा है कि इसने आपको आंसर राइटिंग में मदद मिलेगी।

बिंदुओं व पैराग्राफ में लिखें


परिचय (Introduction): प्रश्न में पूछे गये विषय से मुख्य शब्द लें और उसे परिचय भाग के अंतर्गत समझाएं।

शीर्षक व भूमिका (Headings - हेडिंग्स): उत्तर के प्रारंभ में ऐसे वाक्यों का प्रयोग करना चाहिये जो भूमिका की आवश्यकता को पूर्ण कर दें। प्रश्न यदि किसी मुद्दे पर आधारित है तो कुछ (२-३) पंक्तियों में उसका निष्कर्ष भी लिखा जा सकता है, लेकिन यह ध्यान रहे कि तथ्यात्मक प्रश्नों के लिये किसी विशेष निष्कर्ष की आवश्यकता नहीं होती है।

यह भी ध्यान दें, कि आपके उत्तरों मे जानकारी प्वाइंट्स तक सीमित नही होना चाहिये, बल्कि हेडिंग्स (शीर्षक) का भी प्रयोग करना चाहिये। विषयों व टापिकों के उत्तर देते समय शीर्षकों के उपयोग से आप अपने उत्तरों को अलग-अलग भागों में सुव्यवस्थित रूप से दे सकते हैं। यदि किसी प्रश्न के उत्तर के लिये कई अलग-अलग तथ्यों व बिन्दुओं को रखना आवश्यक है तो उसके लिये आप बिन्दुओं का प्रयोग अवश्य कर सकते हैं।

शीर्षकों, उप-शीर्षकों, महत्वपूर्ण बिंदुओं व व्यक्तिगत विषलेशण (यदि आवश्यक है तो) पर आधारित उत्तर आपको इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे।

रेखाचित्रों का प्रयोग: आरेख/चित्र (Diagrams) प्रश्नों के उत्तर के लिये आरेखों का बहुत महत्त्व  होता है, जैसे कि भूगोल या अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए भारत और विश्व के मानचित्र इत्यादि। इसके अलावा एनसीईआरटी किताबों से जिओग्राफी के लिए चित्र तैयार किए जाने का अभ्यास करें। भूगोल के पेपर -1 में कई प्रकार के भौगोलिक विषयों पर प्रश्न आते हैं और आरेख इत्यादि के माध्यम से आप एक अच्छा उत्तर बना सकते हैं।

नोट: निबंध के प्रश्नों तथा कुछ विश्लेषणात्मक प्रश्नों के लिये इस प्रवृत्ति से बचना चाहिये। किंतु यदि परीक्षा में पूछे गये प्रश्न की प्रकृति ही ऐसी हो कि उसमें विभिन्न विषय वस्तुओं के आपसी संबंध अथवा वर्गीकरण इत्यादि की आवश्यकता हो तो रेखाचित्र का प्रयोग उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

प्रवाह तालिका/फ़्लोचार्ट (Flowchart): मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन पेपर - 3 (प्रौद्यौगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन) के लिये फ़्लोचार्ट इत्यादि का उपयोग किया जाता है। यदि आप फ्लोचार्ट के साथ साइड हेडिंग को भी सम्मिलित करें तो सामान्य अध्ययन पेपर -1 में सामजिक मुद्दों से जुड़े उत्तरो के लिये आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा में पूछे गए प्रश्न में विभिन्न विषय वस्तुओं के के वीच के संबंधों एवं वर्गीकरण इत्यादि की उल्लेख की आवश्यकता होने पर रेखाचित्रों आदि का प्रयोग उपयोगी रहेगा।

अभ्यर्थियों के लिये अति आवश्यक है कि प्रश्नों में पूछे जाने वाले मुद्दों व विषयों के उत्तरों देते समय विषय के ज्ञान की गहराई से अधिक उसके विश्लेषण तथा जितना संभव हो उतना उनसे जुड़े आयामों को कवर करने का प्रयास करें। यह ध्यान रखें कि यूपीएससी बोर्ड आपके दिये गये उत्तरों में पूछे गये टापिक से जुड़े आयामों को जानने और उन्हें समझने में दिलचस्पी रखता है। वहीं दूसरी तरफ ऐसा भी मानते हैं, कि अवश्यकता से अधिक गहन विद्वानों जैसे बहुत बड़े-बड़े उत्तर सिविल सेवा परीक्षा की कसौटी के अनुकूल नहीं होते।

जीएस या करंट अफेयर्स की तैयारी के दौरान उत्तर लिखने के लिये इसी तरीके को अपनाना चाहिये। इस प्रकार खुद को प्रशिक्षण देने से आप परीक्षा के दिन सभी आवश्यक आरेख, प्रवाह चार्ट, साइड-हेडिंग इत्यादि का प्रयोग करनें में सहज होंगे और इसकी रूपरेखा बनाने में भी अधिक समय नहीं लगेगा। जीएस में आपसे जितने सवाल हो सकते हैं उतने प्रश्नों के उत्तर देने की कोशिश करनी चाहिए।

जब तक आप पूरी तरह से किसी प्रश्न के बारे समझ न लें तब तक कोई प्रश्न नहीं छोड़ना चाहिए। किसी भी प्रश्न को तभी छोड़ें जब आप यह अनुमान न लगा सकें कि क्या पूछा गया है और उसके लिये उपयुक्त उत्तर क्या होगा।

परीक्षा में समय प्रबंधन का महत्व


आवश्यक टिप्स: परीक्षा देते समय सबसे पहले 2 से 3 मिनट के समय में प्रश्नपत्र पर एक नजर डालें और उन प्रश्नों का चयन करें जो आपको सरल लगें। पहले चरण में तकरीबन 10 प्रश्न या अधिक चुनें, ) और उन्हें पहले प्रयास मे हल करें। दूसरे चरण में उन प्रश्नों के लिए प्रयास करें जिनके उत्तर समझने के लिये आपको थोड़ा समय और अनुमान की आवश्यकता हो। जीएस का एथिक्स पेपर आमतौर पर बहुत लंबा होता है और कई अभ्यर्थी इसे समय के भीतर हल करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। अच्छे अंक और रैंक प्राप्त करने के लिये आपको अधिक से अधिक परीक्षण और समय सीमा के साथ अभ्यास करके अपनी गति में सुधार करना होगा।

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बिन्दु

  • अपने उत्तरों में लिखे गये महत्वपूर्ण वाक्यों/शब्दों को उचित रूप (बहुत अधिक नहीं) से रेखांकित करें।

  • परीक्षा में केवल नीले और काले पेन का प्रयोग करते हुये, नीली कलम से उत्तर लिखें तथा काले पेन से महत्वपूर्ण भागों रेखांकित करने का कार्य करें।

  • हैंडराइटिंग : यानि आपकी लिखावट, जितनी सुन्दर होगी उतने की अतिरिक्त अंक आप अर्जित करेंगे।

  • उत्तरों के लिये लिखे गये पैराग्राफ के बीच उचित जगह (पैराग्राफ ब्रेक) रखें, जिससे पैराग्राफ का अंतर साफ-साफ समझ में आए।

  • उत्तर पुस्तिका को साफ-सुथरा रखें तथा ओवर राईटिग व अनावश्यक काटा-पीटी से बचें।

आशा है कि इस आर्टिकल मे दी गई जानकारी से आप सभी को एक अच्छा उत्तर लिखने के प्रयास में सहयोग मिलेगा।


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