मिशन यूपीएससी: आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिये चरणबद्ध रणनीति।

सिविल सेवा आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए रणनीति

Prepare IAS Exam From Home

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी हो जाने के बाद अब जब आईएएस उम्मीदवार आईएएस प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं की तारीखों को जान चुके हैं, तो उन्हें परीक्षा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। यहां हम तैयारी के लिए कुछ रणनीतियों के बारे में जानेंगे जिससे अभ्यर्थी अपनी तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने सक्षम हो सकें।

इसे उम्मीदवारों को हमेशा केवल एक परीक्षा की तैयारी की तरह नहीं सोंचना चाहिये बल्कि उन्हें ये सोंचना होगा कि वे सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश के विकास के लिए अपनी सेवा देना चाहते हैं। इस दृष्टिकोण और विचार से परीक्षा की तैयारी करने से न केवल उनकी तैयारी बेहतर होगी, बल्कि यह मानसिकता उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग भी बनाएगी।

उम्मीदवारों को यूपीएससी परीक्षा के बारे में सभी मिथकों को दूर करके एक सही मानसिकता के साथ अपनी तैयारी शुरू करना चाहिए। क्योंकि यह एक ऐसा मार्ग होगा जो उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाएगा अर्थात एक आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा करेगा। तैयारी की रणनीति का हर उम्मीदवार को पालन करना चाहिए, भले ही वे केवल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देने की योजना बना रहे हों।

समय का प्रबंधन


एक अच्छे अभ्यर्थी दूसरों उम्मीदवारों के साथ अपने अध्ययन करने की अवधि / घंटों की कभी तुलना नहीं करनी चाहिए और स्वयं भी यह भी याद रखना चाहिए कि अध्ययन के घंटों की संख्या मायने नहीं रखती बल्कि उसकी गुणवत्ता मायने रखती है कि उस समय में आपने क्या और कैसे पढ़ा। उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे सही और यथार्थवादी योजना तैयार करें और नियमित रूप से इसका पालन करें और अपनी आईएएस परीक्षा की तैयारी में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रभावी तरीके से समय का प्रबंधन रखें।

यूपीएससी के पाठ्यक्रम को जानिए और एक योजना तैयार करें।


हम उम्मीदवारों को यह सलाह देते हैं कि वे यूपीएससी के पाठ्यक्रम व प्रक्रिया को पूरी तरह से जानने के पश्चात तैयारी की रूपरेखा और रणनीति बनायें और क्या पढ़ना है या क्या नहीं पढ़ना है इस समस्या के समाधान के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम की एक प्रति हमेशा अपने पास रखें। अगर उम्मीदवार एक साल पहले उनकी तैयारी शुरू कर रहे हैं तो उम्मीदवारों को अच्छी तरह से पता है कि वे अपनी तैयारी की प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित कर सकते हैं, १. प्रारंभिक चरण, २. मध्य चरण और ३. अंतिम चरण, तो यह सुनिश्चित करें की इसी प्रकार से रणनीतिबद्ध  होकर अध्ययन की शुरुआत करें।

आरंभिक चरण


उम्मीदवारों को विषयागत तैयारी एनसीईआरटी की मूलभूत पाठ्यपुस्तकों के साथ शुरू करनी चाहिए। यूपीएससी के वर्तमान मामलों के हिस्से को कवर करने के लिए हर दिन अख़बार पढ़ना शुरू करें। उम्मीदवारों को यह नहीं भूलना चाहिए हर दिन उन्हें रिवीजन (Revision)  करना है, जो भी अध्ययन किया है उसे संशोधित करना चाहिए और किसी भी कीमत पर इस कार्य को अनदेखा नहीं करना है।

मध्य स्टेज


यह वह चरण है जहां आईएएस उम्मीदवारों को यूपीएससी मेन के लिए तैयारी करना शुरू करना चाहिए। नीचे दिए गए विषय वे हैं जो यूपीएससी प्रीमिम्स और मुख्य दोनों परीक्षाओं के साथ ओवरलैप करते हैं।

  • सामान्य अध्ययन पेपर - 1 (इतिहास कला और संस्कृति, आधुनिक इतिहास, भूगोल)
  • सामान्य अध्ययन पेपर - 2 (राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
  • सामान्य अध्ययन पेपर - 3 (अर्थशास्त्र और सरकारी योजनाएं)

नोट: तैयारी की शुरुआत से उम्मीदवारों को अपने नोट्स बनाने की आदत चाहिए और माडल उत्तर लिखने की आदत विकसित करनी चाहिए।

अंतिम चरण


यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के अंतिम चरण में अभ्यर्थियों को इस बात का अवलोकन करना चाहिये कि उन्होंने अभी तक क्या अध्ययन किया है और साथ में अपनी शक्तियों और कमजोरियों का मूल्यांकन करना भी आवश्यक है। आकलन करने पर यदि तैयारी में कोई कमजोर भाग समझ में आता है तो उस पर पुन: काम करना होगा और उसमें सुधार लाना होगा। इन सभी तीन चरणों और एक वर्ष की तैयारी के बाद उम्मीदवार परीक्षा का सामना करने के लिए तैयार हैं, सभी उम्मीदवारों को हमारी शुभकामनाएं और हम हर उम्मीदवारों को यह सलाह देते हैं कि वे अपनी तैयारी की प्रक्रिया और परीक्षा के समय दृढनिश्चय, दृढ़ता और वचनबद्धता के साथ आगे बढ़ें।


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