यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक एवं मेन्स परीक्षा पैटर्न - 2018

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन

यूपीएससी परीक्षा पैटर्न - 2018


सिविल सेवा परीक्षा के चरण

  • प्रारंभिक परीक्षा: इस परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप के सवाल पूछे जाएंगे।
  • मुख्य परीक्षा: यह एक लिखित परीक्षा है, इसमें विस्तृत उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।
  • साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण: (इस चरण में उम्मीदवार की व्यक्तिगत उपयुक्तता की परख की जाएगी।

सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा (कुल दो प्रश्न पत्र)


प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होते हैं:

  • पेपर - 1 सामान्य अध्ययन पर एक पेपर है जो कुल 200 अंको का होगा।
  • पेपर - 2 एटिट्यूड टेस्ट (सीसैट) 200 अंको का एक पेपर है जो कुल 200 अंको का होगा।

इस परीक्षा को केवल स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में माना जाता है; प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर योग्य घोषित  (पास हुये) उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में प्रवेश करते हैं।


सिविल सर्विसेज मुख्य परीक्षा (कुल नौ प्रश्न पत्र)


मुख्य परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के समग्र बौद्धिक लक्षणों और उनकी विषयगत जानकारी और समझ की गहराई का आकलन करना है। जनरल स्टडीज पेपर के (पेपर 2 से पेपर 4) प्रश्नों की प्रकृति और प्रश्नों का मानक ऐसा होता कि एक अच्छी तरह से शिक्षित व्यक्ति बिना किसी विशेष अध्ययन के उनका जवाब दे सकता है।

इन पेपरों के प्रश्न विभिन्न प्रकार के विषयों से जुड़े होंगे जो उम्मीदवार की सामान्य जागरूकता का परीक्षण करने के लिए होंगे और सिविल सेवाओं में करियर के लिए प्रासंगिक होंगे। यह सभी प्रश्न उम्मीदवारों की बुनियादी समझ, विश्लेषण करने की क्षमता, और विवादित सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों, उद्देश्यों और मांगों पर विचार प्रकट करने से संबंधित  होते है। उम्मीदवारों को अपने उत्तरों को प्रासंगिक, सार्थक और संक्षिप्त रूप में देना होता है।

UPSC Exam Pattern

मुख्य (लिखित) परीक्षा में निम्नलिखित प्रश्न पत्र होंगे:


क्वालीफाइंग पेपर्स (इन प्रश्नपत्रों के अंक अंतिम परिणाम में नही जोड़े जाएंगे।)


पेपर (A)

संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भारतीय भाषाओं में से कोई एक भाषा उम्मीदवारों द्वारा चुनी जानी चाहिये। कुल 300 अंक

पेपर (B)

अंग्रेजी कॉम्प्रिहेंशन एवं सार लेखन (10वीं के लेवल का) कुल 300 अंक


रंकिंग पेपर्स (इन प्रश्नपत्रों के अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।)


प्रथम प्रश्न पत्र

निबन्ध का पेपर : कुल 250 अंक

दूसरा प्रश्न पत्र

सामान्य अध्ययन पेपर - १ (भारतीय संस्कृति एवं विरासत,विश्व एवं समाज का इतिहास और भूगोल) : कुल 250 अंक

तीसरा प्रश्न पत्र

सामान्य अध्ययन पेपर - २ (शासन,संविधान,राज्य-व्यवस्था,सामाजिक न्याय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध) : कुल 250 अंक

चौथा प्रश्न पत्र

सामान्य अध्ययन पेपर - ३ (प्रौद्यौगिकी,आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन) : कुल 250 अंक

पांचवां प्रश्न पत्र

सामान्य अध्ययन पेपर - ४ (नीति, अखंडता एवं अभिक्षमता) : कुल 250 अंक

छठा प्रश्न पत्र

वैकल्पिक विषय (पेपर - १) : कुल 250 अंक

सातवां प्रश्न पत्र

वैकल्पिक विषय (पेपर - २) : कुल 250 अंक
मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्न पत्रों के लिए, यूपीएससी पाठ्यक्रम के अंतर्गत लगभग 26 विषयों की एक सूची है जिसमें से किसी एक विषय को उम्मीदवार द्वारा चुना जाना है।

लिखित मुख्य परीक्षा के लिये निर्धारित कुल अंक : 1750

साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण के लिये कुल अंक: 275

कुल योग : 2025


व्यक्तिगत परीक्षा (साक्षात्कार)


साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या रिक्तियों की संख्या से तकरीबन दो गुनी हो जाती है।

साक्षात्कार के लिये कुल 275 अंक होंगे (न्यूनतम अर्हता प्राप्त अंकों के बिना)। इस प्रकार मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों द्वारा अर्जित किये गए अंक (लिखित हिस्से के साथ-साथ साक्षात्कार) उनकी अंतिम रैंकिंग निर्धारित करेंगे। यह रैंकिंग 2025 अंकों के स्कोर पर आधारित होती है। विभिन्न पदों के लिए परीक्षा में उम्मीदवारों की रैंकों और उनके द्वारा व्यक्त प्राथमिकताओं (Service Preferences) को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों को विभिन्न सेवाओं में आवंटित किया जाता है।

उम्मीदवार का एक बोर्ड द्वारा साक्षात्कार लिया जाएगा और साक्षात्कारकर्ता के पास उम्मीदवार का करियर रिकॉर्ड भी होगा, जिससे संबंधित व सामान्य दिलचस्पियों के जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। यार रखिये कि, साक्षात्कार का उद्देश्य सक्षम और निष्पक्ष पर्यवेक्षकों के बोर्ड द्वारा सिविल सेवा में करियर के लिए उम्मीदवार की व्यक्तिगत उपयुक्तता का आकलन करना है।

इस परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवार के मानसिक क्षमता, बौद्धिक गुणों, सामाजिक और वर्तमान मामलों में उनकी रुचि का आकलन है। उम्मीदवार के भीतर निर्णय लेने के गुण के साथ-साथ मानसिक सतर्कता, परिस्थितियों के आकलन करने की क्षमता, स्पष्ट और तार्किक सोंच, निर्णय लेने में संतुलन, विविधता और समझ में गहराई, सामाजिक एकजुटता और नेतृत्व करने की क्षमता, बौद्धिक और नैतिक अखंडता गुण होने चहिये।

साक्षात्कार की प्रक्रिया एक बहुत कठिन परीक्षा नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक, हालांकि निर्देशित और पूर्व-निर्धारित वार्तालाप है जिसका उद्देश्य उम्मीदवार के मानसिक गुणों के बारे में जानना है। साक्षात्कार उम्मीदवारों के विशेष जानकारी या सामान्य ज्ञान का परीक्षण नहीं है, क्योंकि यह उनके द्वारा दी गयी लिखित परीक्षा के माध्यम से पहले ही कर लिया गया है।


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