प्रांरभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के लिए अचूक रणनीति

प्रांरभिक परीक्षा - सामान्य अध्ययन

रणनीति निर्धारण


Samanya Adhyayanइस सेवा में भविष्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये आपमें मेहनत, एकाग्रता, आत्मविश्वास व कुशल प्रबंधन का होना अनिवार्य है। युवा अभ्यर्थी एक प्रमुख बात का ध्यान रखें कि यह सिविल सर्विस सिर्फ एक उज्ज्वल भविष्य की ही बात नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी की सेवा भी हैं और इसमें सेवा के लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने व जनहित में काम करने की आवश्यकता होगी। सिविल सर्विस परीक्षा एस० एस० सी०, बैंकिग, रेलवे व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह एक सामान्य परीक्षा नहीं है, "यह एक मिशन है"।

यह सेवा युवाओं के लिए सदैंव आर्कषण का केन्द्र रही है और गत कुछ वर्षो में इस परीक्षा की महत्ता प्रति के आकर्षण बढ़ा है। इसकी व्यापकता, सामाजिक व मानवीय सरोकारों के कारण सेवा से जुड़े युवाओं कि य चाहिये कि वे संबंधित विषय में विशेषज्ञ हों और नियमों के अनुरूप विकास कार्य या मुद्दा जो कि कितना भी जटिल क्यों न हो उसका उपयुक्त समाधान खोजने की क्षमता रखते हों ।

लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा इस बार संपन्न हो गई हैं और इसमें सफल होने वाले अभ्यार्थी साक्षात्कार (Interview) के लिए आमंत्रित किये जाएंगे । इस वर्ष जो छात्र सिविल सेवा प्रारभिंक परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक हैं उन्हें इस सेवा की परीक्षा प्रकृति की गंभीरता को देखते शीघ्र ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए नही तो विलंब करने से सुव्यवस्थित व योजनाबद्ध तैयारी करने का अवसर नही मिलेगा। यह अतिआवश्यक है कि चयन तक के लक्ष्य को प्राप्त करने के अनुसार एक प्रभावी व अचूक रणनीति बनायें और यह भी तय कर लेना होगा कि इस त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के हर चरण में खुद को अन्य प्रतियोगियों की अपेक्षा ज्यादा योग्य साबित करने के लिए आपका रणनीति प्रबंधन कैसा होगा, जैसे: अध्ययन कैसे करें, उपयोगी पुस्तकें, व उपयुक्त मार्गदर्शन इत्यादि,  इन विषयों पर हमें गंभीरता से विचार करना होगा तत्पश्चात इस परीक्षा की तैयारी विलम्ब किये बिना प्रारंभ कर दें।

आई ए० एस० से संबंधित पूर्व अधिसूचना के अनुसार, सामान्य अध्ययन के प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम हम नीचे दिये गये विशलेषण के अनुसार भलीभांति समझ सकते हैं जैसे कि - समसामयिक घटनाओं का समावेश, विषयों का विलेषणात्मक होना, परीक्षा पाठयक्रम की सामग्री व भाषा परिवर्तन।

अभ्यार्थी को तैयारी की प्रारंभ में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 10 तक की सभी एनसीइआरटी पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिये, इसी तरह राजव्यवस्था, इतिहास, अर्थशास्त्र, व भुगोल जैसे विषयों के लिए कक्षा 9, 10, 11 एवं कक्षा 12 की पुस्तकों का अध्ययन किया जाना चाहिये। ध्यान रहे की प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन का विशेष रूप से समावेश है और इसका का महत्व भी बढ़ा हैं ।

सामान्य अध्ययन की योजनाबद्ध तैयारी के लिये महत्वपूर्ण सामग्री


भारतीय इतिहास एंव स्वतंत्रता आन्दोलन के लिये कक्षा 12 की एनसीईआरटी - प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत एवं आधुनिक भारत, प्रकाशन विभाग: भारत की गजट (खंड 2:- इतिहास एवं सस्कृति), विपिन चन्द्र की आधुनिक भारत, स्पेक्ट्रम गाइड – आधुनिक भारत।

  • भूगोल के लिये भारत एंव विश्व एनसीईआरटी कक्षा 7 से 12 तक, मानचित्रों की पुस्तक – जैसे कि फ्रैंक स्कूल एटलस इत्यादि।

  • भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास – आई सी ढींगरा, भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रा और पुरी/दत्त और सुंदरम तथा आर्थिक सर्वेक्षण, नवभारत टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, योजना मैगजीन इत्यादि।
  • भारतीय राजव्यवस्था एंव अभिशासन के लिये भारतीय संविधान एंव व्यवस्था - डी डी बसु, भारतीय संविधान - सुभाष कश्यप, हमारी संसद - सुभाष कश्यप।
  • सामान्य विज्ञान के लिये एनसीईआटी कक्षा 6 से 12 तक, टी एम एच प्रकाशन की सामान्य विज्ञान, तथा एन बी टी प्रकाशन की ह्यूमन मशीन।
  • समसामयिकी की तैयारी के लिये द हिन्दू एंव हिन्दुस्तान सामाचार पत्र, दैनिक समसामयिकी, फ्रंटलाइन मेगजीन
  • सामान्य मानसिक योग्यता के लिये आर एस अग्रवाल की (एस चांद प्रकाशन)
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