घर पर यूपीएससी आईएएस प्रीलिम्स की तैयारी कैसे करें?

सिविल सर्विसेस प्रीलिम्स एग्जाम की तैयारी करने के लिये रणनीति।

Prepare IAS Exam From Home

भारतीय नागरिक सेवाओं में अधिकारियों को शामिल करने के लिए यूपीएससी हर साल सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है। एक बार भर्ती होने पर, अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं जैसे आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), आईआरएस (IRS), आईटीएस (ITS), आईडीईएस (IDES), आदि में और विदेश सेवाओं में भी सेवा करेंगे। इस क्षेत्र में एक कैरियर दिलचस्प, संतोषजनक और चुनौतीपूर्ण भी होगा, यही वजह है कि इसकी भर्ती प्रक्रिया भी कठोर है। इन सेवाओं में चयनित होने के लिए उम्मीदवार को यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना होगा।

यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जिनमें से प्रत्येक चरणों में उन उम्मीदवारों को खारिज कर दिया जाता है जो उस चरण में पास नही हो सके। इस परीक्षा का पहला चरण यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा है, जिसे आमतौर पर आईएएस प्रीमिम्स या फिर यूपीएससी प्रीमिम्स के नाम से जाना जाता है। यह संभवतः बाकी के दो चरणों में सबसे आसान है, लेकिन उम्मीदवारों को इस परीक्षा मे सफल होने के लिए एक योजनाबद्ध और समर्पित तैयारी करनी होती है।

यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक परीक्षा का प्रारूप


प्रीमिम्स परीक्षा में दो ओब्जेक्टिव  प्रकार (MCQ) के प्रश्न पत्र होते हैं।
  • सामान्य अध्ययन : {जी-एस} (पेपर - 1)
  • सिविल सर्विसेस एप्टीट्यूड टेस्ट : {सी-सैट} (पेपर - 2)

परीक्षा का विवरण नीचे दिया गया हैं।

पेपर का नाम कुल योग समय सीमा प्रश्नों की संख्या निगेटिव मार्किंग प्रश्न पत्र का प्रकार अर्हता के लिए आवश्यक अंक
General Studies (जीएस)- Paper 1 200 Marks 2 hours 100 Questions Yes Marks counted for ranking Cut-off prescribed by UPSC
CSAT - (सी-सैट) Paper 2 200 Marks 2 hours 80 Questions Yes Qualifying Only 33% (66/200)

सी-सैट पेपर - 2 में प्राप्त अंक पूर्व रैंकिंग के लिए जोड़े नहीं जाएंगे। यूपीएससी मेन परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को इस पेपर में कम से कम 33% स्कोर करना होगा। जी-एस पेपर 1 में प्राप्त अंक रैंकिंग में गिना जाएगा। इस पत्र में कट-ऑफ के अंक (आवश्यक न्यूनतम अंक) आयोग द्वारा निर्धारित किए जाएंगे और सिविल सर्विस प्रीलिम्स के परिणाम के बाद ही जनता को घोषित कर दिया जाता है। ोट: यूपीएससी उम्मीदवारों को प्रत्येक गलत उत्तर देने पर उस प्रश्न के लिए आवंटित अंकों के 1/3rd भाग को पेनल्टी के रूप में काट लेता है।

तैयारी शुरू करने के बारे में जानें।


एक आईएएस उम्मीदवार को आदर्श रूप से आईएएस तैयारी में अपने जीवन का कम से कम एक वर्ष देना होगा। इस समय के दौरान, उसे उन विषयों के साथ तैयारी शुरू करने की सलाह दी जाती है जो मुख्य और प्रारंभिक परीक्षाओं में होते हैं।

एक योजना तैयार करें : चूंकि आप घर में तैयारी कर रहे हैं, इसलिये बिना किसी बाहरी मार्गदर्शन के आपको एक अध्ययन योजना बनानी चाहिए और इस ध्येय की पूर्ति के लिए आप को अपनी तैयारी के लिये पूरी तरह से वफादार होना चाहिए। आपको आपकी तैयारी से दूर खींचने वाले भ्रम और प्रलोभन आयेंगे किंतु अपने आप से ईमानदार रहिये और याद रखें- "कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।"

CSAT (सी-सैट) की तैयारी कैसे करें।


सी-सैट के लिये उम्मीदवारों को गणित, विज्ञान व इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि में मजबूत समझ का निर्माण करना होगा, तत्पश्चात आप इस पेपर को सफलता पूर्वक पास कर लेंगे। इसके अभ्यास के लिये वे कुछ पिछले साल के यूपीएससी सी-सैट प्रश्न पत्रों को हल करने का प्रयास करें। यह भी ध्यान रहे कि अगर उम्मीदवार जो सी-सैट पेपर में सफलता नही प्राप्त कर पाता भले ही उसने आपने जीएस पेपर 1 में अच्छे अंक प्राप्त किये हों, फिर भी उम्मीदवारआगे की परीक्षा देने के पात्र नहीं होंगे। इस पेपर के लिये यदि आप एक पूर्वनियोजित और मजबूत तैयारी रखेंगे तो आप मिनिमम क्वालीफाइंग अंक तो प्राप्त कर सकते हैं।

तथ्यों के साथ आंकड़ों का भी अध्ययन


यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में एक आम गलत धारणा यह भी है कि इसके लिये बहुत सारे तथ्यों और आंकड़ों को याद करने की अवश्यकता होती है। यूपीएससी के परीक्षा पाठ्यक्रम में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुये समझें तो यह पता चलता है कि इस परीक्षा में आपका मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर किया जाएगा जैसे विश्लेषणात्मक क्षमता, अवधारणाओं की स्पष्टता और हां, आपका परीक्षण आपकी प्रश्नों को हल करने की गति के आधार पर भी किया जाएगा, क्योंकि आपको 120 मिनटों में 200 सवालों का जवाब देना होगा जो प्रति मिनट एक प्रश्न से भी कम है

वर्तमान मामलों की समझ


यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यूपीएससी प्रश्नपत्र मौजूदा मामलों के आधार पर होगा। आपको नवीनतम मौजूदा मामलों में बराबर अपडेट रहना होगा क्योंकि बहुत सारे सवाल उन पर आधारित होंगे और आपको अपने पाठ्यक्रमों को वर्तमान मामलों से भी जोड़ कर अध्ययन करने की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई विशिष्ट विषय अक्सर सुर्खियों में रहा है, तो सुनिश्चित करें कि आप उससे संबंधित प्रासंगिक जानकारी एकत्र करें और इन्हें सिद्धांत / अवधारणा के अधार पर ठीक से समझें। आईएएस अभ्यर्थी वर्तमान मामलों के विभागों जैसे 'डेली न्यूज एनालिसिस', पीआईबी (Press Information Bureau - PIB), राज्यसभा टीवी और वर्तमान मामलों की प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपने परीक्षा की तैयार में आगे बढ़ें।

आईएएस टेस्ट पेपर से प्रैक्टिस


आईएएस प्राथमिक परीक्षा के इस चरण को पार करने के लिये यह सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, कि आपको प्रत्येक प्रश्न के लिए एक मिनट से भी कम समय मिलताहै तो इस कम समय में आपको सही उत्तर जानने में सक्षम होना चाहिए। केवल अभ्यास ही आपको प्रश्न पत्र पैटर्न से परिचित करने में मदद कर सकता हैं, और आप इससे अपनी प्रश्न हल करने की गति में भी सुधार कर सकते हैं।


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