प्रारंभिक परीक्षा : सामान्य अध्ययन (पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी) - जैवभार, एवं ऊर्जा पिरामिड तथा जैविक समुदाय

सामान्य विज्ञान (General Science)
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment and Ecology)

पारिस्थितिकी, जैवभार, एवं ऊर्जा पिरामिड तथा जैविक समुदाय

पारिस्थितिकी पिरामिड


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जैवभार पिरामिड


इसे प्रदर्शित करने के लिए पोषण स्तर पर इकाई क्षेत्र में संचित शुष्क कार्बनिक पदार्थो के भार को आधार बनाया जाता है। यह भी सदैव पिरामिडनुमा नहीं होता है।

  • eg. सूक्ष्मजीव - पादप प्लवक - जंतुप्लवक - छोटी मछली - बड़ी मछली
  • eg. घास का मैदान - शाकाहारी – मांसाहारी

जलीय पारितंत्र एवं घास के मैदान का Biomass Pysamid पिटामिडनुमा आकृति का नहीं होता है। - But Biomass Pyramid of other Ecosystem is Pyramid Shaped.

ऊर्जा पिरामिड


सभी पा. तंत्र में उत्पादक स्तर से सर्वोच्च उपभोक्ता के स्तर तक जाने पर ऊर्जा के उपलब्धता में कमी आती है इसलिए ऊर्जा की उपलब्धता का चित्रीय प्रदर्शीन सदैव पिरामिडनुमा होता है।

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Keystone Species


किसी भी पारिसिथतिकी तंत्र में वह प्रजाति जिसके कारण पारिसिथतिकी तंत्र की 'क्रियाशीलता' बनी रहती है या तंत्र का विकास होता है उसे 'की-स्टोन प्रजाति' कहते है। जैसे - जीवीय अनुत्क्रमण प्रक्रिया के प्रारभं में 'अपघटक' की- स्टोन प्रजाति होते है वही जीवीय अनुक्रमण की प्रक्रिया के समाप्त हो जाने के बाद हरी वनस्पतियाँ 'की स्टोन प्रजाति' बन जाते है।

वहीं किसी प्रजाति की संख्या में कमी आने के कारण वे संकटग्रस्त संवेदनशील या विलुप्त होने के कगार पर पहुंच जाते है। जैसे खाध क्ष्रंखला के बाधित होने के बाद तंत्र की क्रियाशीलता पर प्रभाव पड़ता है, तब वैसी प्रजाति को ही की-स्टोन प्रजाति कहते है। इस प्रकार की-स्टोन प्रजाति का पाचन तंत्र के विकास पर सकारात्मक ही नहीं नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है।

जैविक समुदाय के मध्य अंत: क्रिया के प्रकार (Biotic Interaction)


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